पंचांग
साल के हर दिन के हिंदू पंचांग, रउआ के शहर खातिर निकालल: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहु काल आ सब बड़ परब-तेवहार आ बरत।
महीनवारी बरत (एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी आदि) ऊपर कैलेंडर में हर दिन के साथे देखावल बा।
गणना कइसे होला: रउआ के चुनल शहर खातिर सूरज आ चंद्रमा के असली स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से हर मान निकालल जाला। तिथि, नक्षत्र, योग आ करण स्थानीय सूर्योदय के समय के बा, आपन खतम होखे के समय के साथे। परब पारंपरिक मनावे के समय से तय होला, जइसे दियारी सूरज डूबे के बेरा अमावस्या से आ जन्माष्टमी आधा रात के अष्टमी से। इलाका के परंपरा में कबो-कबो एक दिन के फरक होला, एह से जरूरी पूजा-पाठ खातिर अपना कुल पुरोहित से भी पूछ लीं।