पाश्चात्य ज्योतिष

पंडित व्यास जी वैदिक और पाश्चात्य दोनों ज्योतिष का अभ्यास करते हैं। जानिए पाश्चात्य पद्धति कैसे काम करती है और यह वैदिक ज्योतिष से कैसे अलग है।

पाश्चात्य ज्योतिष क्या है

पाश्चात्य ज्योतिष बेबीलोन और यूनानी परंपराओं से विकसित हुआ। यह सायन राशिचक्र का उपयोग करता है, जो ऋतुओं से जुड़ा है: मेष हमेशा वसंत विषुव, यानी लगभग 21 मार्च से शुरू होता है। इसकी सबसे प्रसिद्ध बात सूर्य राशि है, यानी आपके जन्मदिन पर सूर्य जिस राशि में था।

वैदिक ज्योतिष से मुख्य अंतर

राशिचक्र

पाश्चात्य ज्योतिष सायन राशिचक्र मानता है; वैदिक ज्योतिष स्थिर तारों पर आधारित निरयन राशिचक्र। आज दोनों में लगभग 24 अंश का अंतर है।

मुख्य ध्यान

पाश्चात्य ज्योतिष सूर्य राशि और व्यक्तित्व पर केंद्रित है; वैदिक ज्योतिष चंद्र राशि, लग्न और नक्षत्रों पर।

ग्रह

पाश्चात्य कुंडली में यूरेनस, नेपच्यून और प्लूटो भी होते हैं; वैदिक कुंडली में सात दृश्य ग्रह और राहु-केतु।

समय

वैदिक ज्योतिष घटनाओं का समय दशा से देखता है; पाश्चात्य ज्योतिष गोचर, प्रोग्रेशन और सोलर रिटर्न से।

अपनी दोनों सूर्य राशियाँ जानें

तारीख़ के अनुसार पाश्चात्य सूर्य राशियाँ

राशितारीख़ेंगुण
मेष21 मार्च – 19 अप्रैलसाहसी, ऊर्जावान
वृषभ20 अप्रैल – 20 मईस्थिर, वफ़ादार
मिथुन21 मई – 20 जूनजिज्ञासु, हाज़िरजवाब
कर्क21 जून – 22 जुलाईस्नेही, रक्षक
सिंह23 जुलाई – 22 अगस्तआत्मविश्वासी, उदार
कन्या23 अगस्त – 22 सितंबरसटीक, मददगार
तुला23 सितंबर – 22 अक्टूबरन्यायप्रिय, आकर्षक
वृश्चिक23 अक्टूबर – 21 नवंबरगहन, वफ़ादार
धनु22 नवंबर – 21 दिसंबरसाहसिक, ईमानदार
मकर22 दिसंबर – 19 जनवरीमहत्वाकांक्षी, अनुशासित
कुंभ20 जनवरी – 18 फ़रवरीमौलिक, मानवीय
मीन19 फ़रवरी – 20 मार्चस्वप्नशील, करुणामय

पंडित जी दोनों को क्यों देखते हैं

दोनों पद्धतियाँ थोड़े अलग प्रश्नों का उत्तर देती हैं। पाश्चात्य ज्योतिष व्यक्तित्व और मनोविज्ञान का अच्छा दर्पण है, जबकि वैदिक ज्योतिष समय और जीवन की घटनाओं के लिए विशेष रूप से मज़बूत है। पंडित जी भविष्यफल के लिए वैदिक कुंडली का उपयोग करते हैं और स्वभाव को समझने में पाश्चात्य विचारों की मदद लेते हैं।

ज़्यादातर लोगों की वैदिक सूर्य राशि पाश्चात्य राशि से एक राशि पीछे होती है। अगर आपका जन्म महीने की लगभग 15 से 20 तारीख़ के बीच हुआ है, तो दोनों अक्सर एक ही होती हैं। दोनों अपनी-अपनी पद्धति में सही हैं।